IoT communication API’s

IoT Communication APIs in Hindi

सामान्यतया IoT communication के लिए दो APIs का प्रयोग किया जाता है. जो कि निम्नलिखित हैं:-

  1. REST based Communication APIs
  2. WebSocket based Communication APIs

REST Based Communication APIs –

REST का पूरा नाम Representational State Transfer है. यह architectural principles का एक समूह होता है जिसका प्रयोग web services और web APIs को create करने के लिए किया जाता है.

REST जो है वह request-response कम्युनिकेशन मॉडल को follow करता है. इसके पास निम्नलिखित constraints होते हैं:-

REST-based Communication APIs in Hindi

Client-server – client server constraint के पीछे separation of concerns का सिद्धांत होता है. इसके द्वारा model को develop और update करना आसान हो जाता है. इसका अर्थ यह है कि client को server की जिम्मेदारियों की चिंता नहीं होती है जैसे कि – data का storage. और server को client की जिम्मेदारियों की चिंता नहीं होती है जैसे कि – user interface.

Stateless – client के द्वारा server को की जाने वाली प्रत्येक request के द्वारा जरुरी information को अवश्य contain करना चाहिए जिससे कि request को समझा जा सके.

Cache-able – caching जो है वह IoT को और ज्यादा scalable और efficient बना देती है. cache का प्रयोग करके data को दुबारा से use किया जा सकता है.

Layered system – इस constraints के द्वारा system की scalability बेहतर होती है.

Uniform interface – यह client और server के बीच uniform communication को सुनिश्चित करता है.

Code on demand – यह एक optional (वैकल्पिक) constraint होता है. यह सुनिश्चित करता है कि server के द्वारा प्रदान किये गये code या script को execute किया जा सकता है.

WebSocket Based Communication APIs

यह Communication API जो है वह Exclusive Pair Communication Model को follow करता है. इसलिए यह client और server के मध्य bi-directional और full duplex कम्युनिकेशन की अनुमति देता है.

इसमें प्रत्येक message को भेजने के लिए नए connection को setup करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसमें सिर्फ एक बार ही handshake mechansim के द्वारा connection को setup करने की जरूरत पड़ती है.

web socket based कम्युनिकेशन, throughput की आवश्यकताओं को बढ़ा देता है और कम्युनिकेशन में होने वाली देरी (latency) को कम करता है. इस API में network traffic भी घटता है.

webSocket उन IoT applications के लिए उपयोगी है जिनकी latency कम होती है या जिन्हें high throughput की आवश्यकता होती है.

WebSocket-based Communication APIs in Hindi

 

Author: admin

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