ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड डिजाइन (Object-oriented design)

ऑब्जेक्टओरिएंटेड डिजाइन Objectoriented Design ऑब्जेक्टओरिएंटेड डिजाइन तकनी 

(objeaoriented deign technique) ने सॉफ्टवेयर विकास की प्रक्रिया में क्रांति (revolution) ला दिया थाइसमें केवल स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग (Guructured programming) की सबसे अच्छी विशेषताएँ (features) शामिला बल्कि कुछ नई और शक्तिशाली विशेषताएँ (powerful features) भी हैं, जैसे कि एनकैप्सुलेशन (encapsulations एव्सट्रक्शन (abstraction), इनहेरिटंस (inheritance) और पोलिमोर्फिज्म (polymorphism) इन नई विशेषताओ (features) ने अच्छी तरह से डिजाइन (welldesigned) और उच्च गुणवत्ता (highquality) सॉफ्टवेयर के विकास में अत्यधिक (remendously) मदद की है। 

ब्जेिक्टओरिएंटेड (objearoriented) तकनीकों (techniques) का इन दिनों व्यापक रूप से उपयोग किया जाता क्योंकि वे कोड (code) की पुन: प्रयोज्य (reusability) की अनुमति देते हैंवे तेजी से (faster) सॉफ्टवेयर विका (coftware development) और उच्चगुणवत्ता (highquality) वाले प्रोग्रामो (programs) का नेतृत्व करते हैंइसके अलावा, वे अनुकूलन (adapt) और पैमाने (scale) पर आसान होते हैं; अर्थात् रीयूजेबल सबसिस्टम (reusati 

subrystem) को इकट्ठा (assemble) करके बड़े सिस्टम (large system) बनाये जा सकते हैं

Author: admin

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